How to Start the Journey?

Procedure

ज्ञान ज्यादा मारता हैं !

परमात्मा ने इतनी सुन्दर सृष्टि बनाई, नदिया बनाई, पेड़ पौधे बनाये, पक्षी बनाये, तुमहारे लिए पूरे परिवार की व्यवस्ता हुई तुम्हे सुखी करने के लिए ! अगर तुम्हे दुखी ही करना होता तो परमात्मा तुम्हे मुर्ख बनाता!

“धर्म या अहंकार”

आज पुनः मै वही धर्म तुम्हे सीखा रहा हूँ वह सत्य धर्म है जागरण ! मै चाहता हूँ की तुम जाग जाओ, तुम उसे पहचान जाओ  जो कण-कण में छुपा बैठा है ! तुम पहचानो उसे जो जर्रे-जर्रे में छुपा बैठा है !

क्या धर्म सिखाया जा सकता है ?

जब से तुमने धर्म को स्कूल में पढ़ाना चालू कर दिया है तब से धर्म की खोज ही समाप्त हो गई है कयोकि तुममे से हर कोई जानता है की उसे तो धर्म के बारे में पता है बस यही धारणा तुम्हारी में तोडना चाहता हूँ।

जीवन बनाना पड़ता है!

अपना जीवन तुम्हे ही बनाना है और वो बनता है जागने के बाद। जिस क्षण तुम जाग जाओगे उसी क्षण तुम जीवन को पहचान जाओगे।